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रसोई गैस सब्सिडी के सीधे हस्तांतरण से 12,73 मिलियन " डुप्लीकेट " कनेक्शनस का पता चला है - जिसका अर्थ है भारत भर में- जाली उपभोक्ता या अवैध रूप से एकाधिक खातों का होना ।

पहल (प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ या "प्रत्यक्ष लाभ हस्तांरण ") कार्यक्रम द्वारा बैंक खातों में सीधे सब्सिडी क्रेडिट होती है ।पिछले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा शुरू किया और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा जारी रखी जा रही प्रत्यक्ष सब्सिडी हस्तांतरण द्वारा , जाली खातों को छाँटने में सफलता इसके लाभों की ओर इंगित करती है।

भारत में सब्सिडी कार्यक्रम हमेशा भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से ग्रस्त रहे है।

इंडिया स्पेंड ने पहले रिपोर्ट दी थी कि कैसे महाराष्ट्र में 53 लाख जाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कार्ड रद्द कर दिए गए थे।

भारत सरकार का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), भी लीकेज और देरी से त्रस्त है।

(एनडीए) राजग सरकार अब बर्बादी और लीकेज से बचने के लिए खाद्य, ईंधन और उर्वरक जैसे अन्य सब्सिडी के अंत प्राप्तकर्ताओं को बेहतर रूप से लक्षित करने का प्रयास कर रही है।

भारत में घरेलू उपयोग के लिए 176 मिलियन पंजीकृत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनेक्शन हैं, जिनमे से सबसे अधिक दक्षिण भारतीय राज्यों और संघ शासित प्रदेशों : तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में हैं।

भारत में रसोई गैस (एलपीजी ) कनेक्शन की संख्या, 2014 *( मिलियन में )

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Source: Lok Sabha; Figures for 2014 as on Nov 1, 2014

14 कनेक्शनस में से एक डुप्लीकेट या जाली होता है, जो पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत भर में सभी कनेक्शनों का लगभग 7% है, ।

उत्तर प्रदेश, 1.87 मिलियन एकाधिक कनेक्शन के साथ सूची में सबसे ऊपर है जिसके बाद 1.35 लाख पर महाराष्ट्र और 0.99 मिलियन पर असम है।

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Source: Press Information Bureau

रसोई गैस का उत्पादन और वितरण करने वाली तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र तेल कंपनियाँ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) हैं।

अवरुद्ध किए गए कनेक्शन में अधिकतम संख्या - जाली कनेक्शन जो बंद हुए - आईओसी (6.63मिलियन ) के साथ हैं। हालांकि, 1 मार्च 2015 तक केवल 0.17 मिलियन कनेक्शन ही रद्द / सरेंडर किए गए हैं।

इसका एक संभावित कारण, यह तथ्य भी हो सकता है कि राजग (एनडीए) सरकार द्वारा , 2014 में प्रत्यक्ष लाभ योजना फिर से शुरू की गई है और ट्रैकिंग और उसके बाद डुप्लीकेट कनेक्शन रद्द करने की प्रक्रिया में समय और प्रयास लगेगा।

तेल कंपनी द्वारा अवरुद्ध एकाधिक कनेक्शन संख्या

तेल कंपनी द्वारा, रद्द / सरेंडर एकाधिक कनेक्शन संख्या

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Source: Press Information Bureau

पहल ,रसोई गैस के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना एकाधिक और जाली कनेक्शन कम करने के लिए 2013 में संप्रग सरकार द्वारा शुरू की गई थी। 291 जिलों में चल रहे इस कार्यक्रम, को 2014 में संशोधित कर के राजग सरकार द्वारा पुनः शुरू किया गया था।

122.3 मिलियन से अधिक लाभार्थियों को सब्सिडी के रूप में 6506 करोड़ रुपए ($1.05 बिलियन ) प्राप्त हुआ है।

हालाँकि राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी वितरण योजना (राजीव गांधी एलपीजी ग्रामीण वितरण योजना) के तहत 2009 और 2015 के बीच की 75% आबादी को एलपीजी गैस कनेक्शनउपलब्ध कराया गया है, लेकिन 1 फ़रवरी, 2015 तक ग्रामीण आबादी में अधिक से अधिक 7% एलपीजी का उपयोग करते हैं , जैसा कि इंडिया स्पेंड ने पहले रिपोर्ट किया था।

रसोई गैस सिलेंडर और अनियमितताओं की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर हो रही हैं, लेकिन 2013-14 में, 29,837 निरीक्षण किए गए जिनमे से ज्यादातर उत्तर भारत भर में आयोजित किए गए थे।

क्षेत्र वार निरीक्षण, वित्त वर्ष 2012- वित्त वर्ष 2014

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Source: Lok Sabha

छवि आभार : फ़्लिकर / एरिक पार्कर

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