क्या बजट का 4.5% काफी है महिला योजनाओं के लिए?

  केंद्रीय बजट 2016-17 में महिलाओं (भारत के 1.2 बिलियन लोगों में से जिनकी हिस्सेदारी 48 फीसदी है) पर खर्च के लिए 90,624.76 करोड़ रुपए (13.3 बिलियन डॉलर) दिया गया है यानि कि सरकारी खर्च का 4.5 फीसदी महिलाओं पर खर्च के लिए आवंटित किया गया है। इसमें एक दशक पहले, 2006 से 5 फीसदी … Continued

प्राथमिक शिक्षा खर्च में गिरावट का प्रभाव गुणवत्ता पर

  पिछले पांच वर्षों में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) – सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम – पर 1,15,625 करोड़ रुपए (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च हुए हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आई है।   उद्हारण के लिए, शिक्षा पर 2014 वार्षिक स्टेटस रिपोर्ट (एसईआर) के अनुसार कक्षा तीन के केवल एक … Continued

क्या बजट 2016 से रोजगार की कमी होगी कम?

  24 फरवरी 2016, बजट पेश होने से पांच दिन पूर्व, लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, देश भर में कौशल विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 100,000 प्रशिक्षकों की कमी है।   सवाल यह है कि क्या कौशल विकास और उद्यमशीलता के लिए बजट 2016 के आवंटन में 74 फीसदी की … Continued

अगले 20 वर्षों में ग्रामीण रोज़गार योजना पर 52 मिलियन निर्भर

  बजट 2016-17 में  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), के लिए राशि में 14 फीसदी वृद्धि की गई है। इसके साथ ही विश्व की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी योजना, मनरेगा, ऑपरेशन के एक दशक बाद भी, भारत की टॉप गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम बनी हुई है।   मनरेगा, जो भारत के गांवों में … Continued

छोटे व्यापारियों के लिए जेटली की योजना

  हज़ारों छोटे व्यापारी अब कई अकाउंट और लेखा परीक्षा (ऑडिट) की आवश्यकताओं से मुक्त हो जाएंगे। वित्त मंत्री, अरुण जेटली ने बजट 2015-16 में कारोबार सीमा एक करोड़ रुपए से बढ़ा कर दो करोड़ रुपए कर दिया है।   जेटली ने कहा, “वर्तमान मे करीब 33 लाख छोटे कारोबारी इसका लाभ उठाते है जो … Continued

बजट 2016 का फोकस कृषि पर, ग्रामीण विकास के लिए 87,765 करोड़

    बजट भाषण में काव्य प्रवृति को जारी रखते हुए वित्त मंत्री, अरुण जेटली ने वैश्विक मंदी और देश के कृषि संकट के दौरान उनकी सरकार का बजट प्रबंधन की ओर इशारा करते हुए बजट भाषण की शुरुआत इन्हीं पंक्तियों के साथ की।   अक्टूबर से दिसंबर 2015 तिमाही के दौरान कृषि विकास सिकुड़ते … Continued

बजट 2016: नौकरी, ग्रामीण विकास, सामाजिक क्षेत्र निवेश रहा मुख्य आकर्षण

  वित्त मंत्री, अरुण जेटली ने अपना तीसरा बजट पेश करते हुए कहा कि, 2017-18 से सरकार योजना (परिसंपत्ति निर्माण आदि) और गैर-योजना (वेतन, ब्याज भुगतान आदि) मद समाप्त करेगी।   ऐसी ही घोषणा, जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्त मंत्री हसीब द्राबू ने 2015-16 का बजट पेश करते हुए की थी। इस संबंध में इंडियास्पेंड ने … Continued

वैश्विक चिंताओं से जेटली को मिलेगी बड़े बिल चुकाने में सहायता

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) फसाड पर वार्षिक बजट का प्रसारण देखते लोग। हर किसी के लिए वित्तीय वर्ष में बजट एक महत्वपूर्ण मोड़ होती है।   तेल की कम कीमतों और उत्पाद शुल्क में वृद्धि के कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत 1.2 लाख करोड़ रुपये (17.6 बिलियन डॉलर) की बचत कर … Continued

10 वर्षों में सब्सिडी में तेजी से वृद्धि

  जैसे कि वित्त मंत्री अरुण जेटली सोमवार, 29 फ़रवरी, 2016 को  तीसरा बजट प्रस्तुत करेंगे, पिछले 10 वर्षों के दौरान (2006-2015) सात मानकों में हुए बदलाव पर किए गए हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि सब्सिडी में चार गुना वृद्धि हुई है।   सब्सिडी में वृद्धि की बात आर्थिक सर्वेक्षण में सामने आई … Continued

राज्य के फंड में 55% वृद्धि, लेकिन राज्य नहीं हैं तैयार

  वर्ष 2015-16 में, बिना किसी शर्तों के दिल्ली से भारत के राज्यों तक स्थानांतरित होने वाली कर राशि में 55 फीसदी की वृद्धि हुई है – केंद्रिय नियंत्रण के 68 वर्ष की परंपरा तोड़ते हुए – लेकिन एक नए पेपर के अनुसार, शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि राज्य 5.24 लाख करोड़ रुपए … Continued