2022-23 तक भारत का विकेंद्रीकृत रीनूअबल कार्यबल हो सकता है दोगुना

बेंगलुरु: भारत का विकेन्द्रीकृत रीनूअबल ऊर्जा (डीआरई) क्षेत्र ( जो स्थानीय र...

तेजी से प्रगति कर रहे राज्य शायद बेहतर और ज्यादा नौकरियों की पेशकश न कर पाएं: नया सूचकांक

दिल्ली: उच्च आर्थिक विकास का मतलब जरुरी नहीं कि बेहतर रोजगार प्राप्त हो और ज...

भारत की राजधानी में कम नौकरियां,बेरोजगार श्रमिकों की संख्या बहुत ज्यादा

हरोला (दिल्ली): दिन चढ़ने के साथ, दोपहर तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया तो ...

वेतनवाले नियमित काम के शेयर में वृद्धि, लेकिन महिलाओं की स्व-नयोजित होने की संभावना ज्यादा

बेंगलुरु: छह साल पहले की तुलना में भारत की महिला कार्यबल की संख्या में कमी हु...

नौकरी पर डेटा अधिक शहरी बेरोजगारी का करती है खुलासा, लेकिन औपचारिक नौकरियों की संख्या भी ज्यादा

नई दिल्ली: सरकार द्वारा जारी नवीनतम नौकरियों के आंकड़ों -काफी विवादों और बहस...

घर तक सेवा पहुंचाने वाले भारतीय कामगारों पर काम का बोझ ज्यादा, वेतन कम

मुंबई और बेंगलुरु: अप्रैल 2018 की एक शाम मुंबई के लोअर परेल के धमनी व्यवसायिक जि...

उदारीकरण के दो दशक बाद तक, सृजन की गई 90 फीसदी नौकरियां अनौपचारिक

मुंबई: नेशनल सर्वे सैंपल ऑफिस (एनएसएसओ) के 2011-12 के आंकड़ों के इंडियास्पेंड विश...

बेरोजगार युवाओं से यूपी में बीजेपी को हो सकता है नुकसान

( चिनहट लेबर हब में काम का इंतजार करते मजदूर )    लखनऊ: राम बारन के फोन की घंटी ...

“नौकरियां और बढ़ती कीमतें भारत की सबसे बड़ी समस्याएं हैं!”

मुंबई: मई-जुलाई, 2018 (प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के अंतिम वर्ष की शुरु...