“चुनावी बॉन्ड्स अलोकतांत्रिक, इसने पारदर्शिता खत्म की,क्रोन पूंजीवाद को किया वैध”

बेंगलुरु: चुनावी बांड "अलोकतांत्रिक हैं क्योंकि उन्होंने गुमनाम दाता के ना...

केरल के एक जिले के स्कूलों में प्रवासी बच्चों की मदद कर रहा है एक कार्यक्रम

एर्नाकुलम (केरल): ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के एक प्रवासी 24 वर्षीय सुप्रिया द...

कैसे विशेष कोचिंग ने कर्नाटक के एक जिले को अपने एसएसएलसी परिणामों में सुधार करने में मदद की

बेंगलुरु: “मैं एक इंजीनियर बनना चाहता हूं। यही कारण है कि मैंने विज्ञान का व...

“नौकरशाही को खत्म किए बिना, भारत में पानी की समस्या का समाधान नहीं…”

बेंगलुरु: मई 2019 में फिर से चुनाव जीतने के बाद बनी नई भारतीय जनता पार्टी सरकार ...

“कई योजनाओं को समाप्त कर देना चाहिए, एनवाईएवाई फंड के लिए समीक्षा होनी चाहिए!”

परिभाषा में निरंतर बदलाव और जीडीपी आकलन पद्धति का संशोधन डेटा की गुणवत्ता प...

भारत में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए पिछड़े क्षेत्रों में बैंकों की आवश्यकता है, आधार कार्ड की नहीं…

  ( माना जाता है कि नकद हस्तांतरण में कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन गरीबों के लिए शायद ऐसा नहीं है: कई लोगों को दूर और भीड़ वाले बैंकों से नकदी निकालना मुश्किल लगता है, या बिचौलियों से निपटना पड़ता है, जो रिश्वत की मांग कर सकते हैं, या तकनीकी मुद्दों का सामना कर … Continued

“सीओपीडी भारत में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण, फिर भी इस संबंध में डॉक्टरों या मरीजों को नहीं है बहुत जानकारी !”

पुणे: 2017 में, हृदय रोग के बाद‘क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज’ (सीओपीडी)  भारत में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण था। वाशिंगटन विश्वविद्यालय के ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी, 2018 के अनुसार 2017 में लगभग 10 लाख (958,000) भारतीयों की मृत्यु इस रोग के कारण हुई है।   भारत में होने वाली कुल मौतों में से … Continued

छिपी हुई भूख से लड़ाई: “ हमारे मिशन में 90 फीसदी फसलें होनी चाहिए बायोफोर्टिफाइड ”

  बैंकॉक: 200 करोड़ लोग, या चार व्यक्तियों में से लगभग एक व्यक्ति,  छिपी हुई भूख या विटामिन और पोषक तत्वों की कमी से पीड़ित है, जिसके परिणामस्वरूप, मानसिक कमजोरी, खराब स्वास्थ्य, कम उत्पादकता और यहां तक ​​कि मृत्यु भी हो सकती है, जैसा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बताया गया है।   बच्चे विशेष … Continued

“दिल्ली में कारोबार सुगमता का दावा सिर्फ दिखावा”

माउंट आबू: 2016 में, विश्व बैंक की ओर से ‘कारोबार सुगमता ’ की रैंकिंग में भारत 190 देशों में से 130 वें स्थान पर रहा है। एक साल बाद, सुधारों को लागू करने के बाद, भारत 100 वें स्थान पर चढ़ गया है। इस साल 2018 में देश 77 वें स्थान पर पहुंच गया है … Continued

बेंगलुरु के कन्नड़-माध्यम स्कूल में बंगाली भाषी छात्रों की जुबानी, ओझल होते द्वीपों से जलवायु-परिवर्तन शरणार्थियों की कहानी

  बेंगलुरु (कर्नाटक) और मौसुनी (पश्चिम बंगाल): दो साल पहले, जब 43 वर्षीय थियेटर निर्देशक निमी रवींद्रन को एक पब्लिक स्कूल में छात्रों को नाटक सिखाने के लिए अनुदान मिला था तो उन्हें लगा था कि उन बच्चों से संवाद के लिए स्थानीय भाषा कन्नड़ होगी। लेकिन उन्होंने पाया कि बेंगलुरु के मारथाहल्ली इलाके में … Continued