मुंबई के पुनः निर्माण का सप्त स्तरीय महाप्लान

  मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर),  भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5% का , महाराष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद में 33% का योगदान देता है, और यह 2012 में भारत की शहरी आबादी के 5% हिस्से के लिए जिम्मेदार है। 2030 तक केवल एमएमआर अकेले ही आज के अन्य देशों  के मुकाबले जनसांख्यिकीय और आर्थिक … Continued

वर्ष 2021 तक मुंबई में मेट्रो चालू होने की उम्मीद

  कई वर्षों से अंधेरी के पश्चिमी उपनगर में रहने वाली 25 वर्षीय प्रियंका डियास को , जो सांताक्रूज के विशेष आर्थिक क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र (एसईईपीज़ेड) में एक विश्व स्तरीय आईटी फर्म के साथ एक व्यापार विश्लेषक के रूप में कार्यरत हैं, ऑफिस और घर तक पीक हॉवर ट्रैफिक में 18 घंटे की … Continued

क्यों मुंबई में किराए पर फ्लैट कम मिलते हैं

  दुनिया के इस छठे सबसे बड़े  शहर में जहाँ  की आबादी लगभग 21 लाख है , और घनत्व 32,300 व्यक्ति प्रति वर्ग  है और  जहां  प्रतिदिन औसतन  909 लोग शहर में अपनी किस्मत आज़माने आते हैं  ,  यह कोई आश्चर्य नहीं है कि  वहाँ अचल संपत्ति की कीमतें  आसमान छू रही हैं । यह … Continued

मुंबई वासी गरीबतम महिलाओं के नाम पर आवंटित बजट

“एक लिंग विशिष्ट बजट एक ऐसा बजट है जो समाज में मौजूद लिंग व्यवस्था की स्वीकार करता है  और उन नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने के लिए पैसे आबंटित करता है जो इस लिंग व्यवस्था में बदलाव ला कर समाज में लिंग बराबरी स्थापित करने में मदद करते हैं”। – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, … Continued

मैंने मुंबई में अपने 0.99 वर्ग मीटर के साथ क्या किया?

  एक छोटी बच्ची नहीं  रही। किशोरावस्था के उथल-पुथल भरे वर्षों के साथ, और जगह (सिर्फ व्यक्तिगत नहीं) की चाह मन में उठी और उसका अभाव होने के कारण  गुस्सा भी बहुत आया।   अब वापिस मुड़ कर देखती हूँ तो  मैं खुद को भाग्यशालियों में गिनती हूँ ।   हम भी मुंबई में जगह … Continued

भारत की मायानगरी मुंबई नगर निगम के कुछ आवंटित धन के बयोरे अंधकार में

  ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) के आयुक्त द्वारा प्रस्तुत 2014-15 के बजट के विश्लेषण से ज्ञात होता है कि 75% से अधिक अर्जित या प्राप्त राजस्व  और 50% से अधिक कुल खर्च का ब्यौरा अस्पष्ट रहता है ।   मुंबई बजट  के अंतर्गत जो चार बजट शीर्ष  अर्थात् ए, बी, ई और जी शामिल … Continued

आखिर क्यों ग्रेटर मुंबई नगर निगम आवंटित धन नहीं खर्च कर पाता

  पिछले एक दशक में , ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) – एशिया के सबसे धनी नगरपालिका संगठनों में से एक – का बजट अनुमान 513 प्रतिशत तक बढ़ा है , 2004-2005 में 5,078.88 करोड़ रुपये की राशि से इस वित्तीय वर्ष के लिए 31,178.19 करोड़ रुपये तक ।   फिर भी, हर वर्ष इसकी  … Continued

कैसे भारत के ढहते शहर अपना रहस्य छिपाते हैं

  पिछले कुछ वर्षों में ऐसा लगने लगा है जैसे कि  “बिग डाटा” उन्माद ने असाधारण रूप से गति हासिल कर ली है।  इंटरनेट और मोबाइल की बढ़ती लोकप्रियता(पैठ ) से हम अब कुछ भी माप सकते हैं –  सार्वजनिक परिवहन की दक्षता से ले कर जनसंख्या को प्रभावित करने वाले आकस्मिक कारकों तक।  अब … Continued

मुंबई का बढ़ता असली आतंक : टी.बी , क्षय रोग

  JP Davidson    पिछले साल क्षय रोग (तपेदिक) की इस बीमारी से 7075 लोगों के ग्रसित होने से ऐसा प्रतीत होता है कि  यह मुंबई में सबसे बड़ा हत्यारा है। टीबी  के बाद दूसरी सबसे बड़ी बीमारी उच्च रक्तचाप है जो 2013-14 में 4525 लोगों की मृत्यु का कारण बनी । इस तरह के कुछ … Continued

तमाम समस्याओं के बावजूद बढ़ती बुनयादी सुविधायें: एक सकारात्मक पक्ष

  मुंबई के नागरिक आम तौर पर उनके शहर में बढ़ते यातायात, प्रदूषण और अपराध से परेशानी महसूस कर सकते हैं , लेकिन वास्तव में मुंबई ने राष्ट्रीय योजना के तहत -बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे एक पहलू में काफी कामयाबी प्राप्त की है ।   मुंबई ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के … Continued