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<title><![CDATA[इंडियास्पेंड: डेटा पत्रकारिता, भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्लेषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, राजनीति]]></title>
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<title>इंडियास्पेंड: डेटा पत्रकारिता, भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्लेषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, राजनीति</title>
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<lastBuildDate>Thu, 12 Mar 2026 17:35:29 GMT</lastBuildDate>
<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 17:35:29 GMT</pubDate>
<copyright><![CDATA[Indiaspend Hindi]]></copyright>
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<title><![CDATA[Rapper Santy Sharma ने Badshah का किया समर्थन, Rap कल्चर को लेकर दी सफाई]]></title>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय रैपर Santy Sharma ने हाल ही में सोशल मीडिया पर रैप म्यूज़िक और उससे जुड़े विवादों को लेकर अपनी राय साझा करते हुए साथी रैपर Badshah का समर्थन किया है। सैंटी शर्मा ने कहा कि भारत में अभी भी कई लोग हिप-हॉप और रैप म्यूज़िक के कल्चर को पूरी तरह से समझ नहीं पाते, जिसकी वजह से कई बार कलाकारों के गानों और विज़ुअल्स को लेकर गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं।</p><p>अपने बयान में शर्मा ने बताया कि रैप म्यूज़िक में कॉम्पिटिटर या दूसरे आर्टिस्ट का जिक्र करना हिप-हॉप कल्चर का एक सामान्य हिस्सा है। दुनियाभर में रैपर अपने लिरिक्स के माध्यम से अपने प्रतिद्वंद्वियों का संदर्भ देते हैं, जिसे एक तरह की आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन और प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार गाने का ऑडियो काफी पहले रिकॉर्ड हो जाता है और उसके बाद वीडियो तैयार किया जाता है। ऐसे में म्यूज़िक वीडियो की क्रिएटिव टीम अलग होती है और संभव है कि बड़े कलाकार भी वीडियो के फाइनल कॉन्सेप्ट से पूरी तरह वाकिफ न हों।</p><p>सैंटी शर्मा का मानना है कि भारत में हिप-हॉप कलाकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि श्रोताओं को इस जॉनर के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि अगर किसी गाने के लिरिक्स को लेकर आपत्ति होती है तो उसे बदला या सुधारा जा सकता है, लेकिन पूरे संदर्भ को समझे बिना किसी कलाकार को जज करना सही नहीं है। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो वह इसके लिए माफी चाहते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य केवल रैप इंडस्ट्री की वास्तविकता को सामने लाना था।</p><p>हाल ही में सैंटी शर्मा अपने बेबाक बयानों के कारण लगातार चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Khushi Mukherjee के बोल्ड पोस्ट्स पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इस तरह की सामग्री का सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले युवा दर्शकों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा सैंटी शर्मा ने फिल्म “घूसखोर पंडित” के टाइटल को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की थी।</p><p>सैंटी शर्मा एक इंडियन हिप-हॉप म्यूज़िक आर्टिस्ट हैं, जिनकी पहचान इंडिपेंडेंट म्यूज़िक बनाने और सोशल और कल्चरल मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए है। सैंटी का जन्म रतलाम, मध्य प्रदेश में हुआ था। सैंटी शर्मा मध्य प्रदेश के पहले रैपर थे जिन्होंने एक छोटे शहर में अपना नाम बनाकर हिप हॉप करियर बनाया और मध्य प्रदेश को रिप्रेजेंट करने वाले पहले रैपर्स में से एक बने। सैंटी कई सालों से कई गाने रिलीज़ कर रहे हैं जिनमें उनके रैपिंग के कई अलग-अलग स्टाइल दिखे हैं।</p><p>उन्होंने 2025 में अपना पहला एल्बम "रीबॉर्न" रिलीज़ किया और उन्होंने फिल्म "हाउसफुल 5" से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जहाँ उन्होंने एक एंथम रैप सॉन्ग लिखा और गाया। सैंटी अपने लिरिक्स में बहुत बोल्ड होने और सोशल मीडिया और कल्चरल मुद्दों पर ट्रेंड्स के सपोर्ट में बहुत अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। सैंटी शर्मा इंडिया में इंडिपेंडेंट हिप-हॉप म्यूज़िक इंडस्ट्री में अपना सफ़र जारी रखे हुए हैं। उन्होंने हाल ही में अपना गाना "आई डोंट केयर" रिलीज़ किया है.</p>]]></content:encoded>
<link>https://www.indiaspendhindi.com/mizoram/santy-sharma-supports-badshah-clarifies-rap-culture-981822</link>
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<category><![CDATA[राय]]></category>
<dc:creator><![CDATA[Biswajeet Kumar]]></dc:creator>
<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 17:33:32 GMT</pubDate>
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<title><![CDATA[भारतीय साइबर सुरक्षा कंपनी TraceX Labs ने फिशिंग और मैलवेयर खतरों का पता लगाने के लिए AI आधारित SaaS सॉफ्टवेयर विकसित किया]]></title>
<description><![CDATA[TraceX Labs ने AI आधारित SaaS साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं, जिनमें URL X एंटरप्राइज सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म और TraceX Guard मोबाइल सुरक्षा एप्लिकेशन शामिल हैं, जो फिशिंग, मैलवेयर और ऑनलाइन धोखाधड़ी का पता लगाने में मदद करते हैं।]]></description>
<content:encoded><![CDATA[<p>डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ साइबर हमलों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। फिशिंग, मैलवेयर, ऑनलाइन धोखाधड़ी और दुर्भावनापूर्ण वेब लिंक जैसे साइबर खतरे अब व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं से लेकर बड़े संगठनों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक को प्रभावित कर रहे हैं। इसी बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए भारतीय साइबर सुरक्षा कंपनी <a href="https://tracexlabs.com/">TraceX Labs </a>ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस (SaaS) सुरक्षा प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य डिजिटल खतरों का रियल-टाइम में पता लगाना और उन्हें रोकना है।</p><p>कंपनी का प्रमुख एंटरप्राइज समाधान URL X है, जो संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण वेब लिंक का विश्लेषण करने के लिए डिजाइन किया गया है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईमेल, मैसेजिंग एप्लिकेशन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों के माध्यम से भेजे जाने वाले फिशिंग लिंक साइबर हमलों का सबसे आम माध्यम बन चुके हैं। ऐसे लिंक उपयोगकर्ताओं को नकली वेबसाइटों पर ले जाकर उनकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग क्रेडेंशियल या अन्य संवेदनशील डेटा चुराने का प्रयास करते हैं।</p><p>URL X प्लेटफॉर्म वेब लिंक को खोलने से पहले ही उसका रियल-टाइम विश्लेषण करता है। यह डोमेन व्यवहार, होस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, रीडायरेक्ट पैटर्न और अन्य तकनीकी संकेतकों का अध्ययन करके यह निर्धारित करता है कि कोई लिंक सुरक्षित है या संभावित रूप से खतरनाक। यह प्रणाली विशेष रूप से एंटरप्राइज संगठनों के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां कर्मचारियों द्वारा गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पूरे नेटवर्क की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।</p><p>एंटरप्राइज समाधान के अलावा कंपनी ने मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए भी एक सुरक्षा एप्लिकेशन विकसित किया है, जिसे <a href="https://tracexlabs.com" target="_blank">TraceX Guard </a>कहा जाता है। यह एंड्रॉयड आधारित मोबाइल सुरक्षा एप्लिकेशन स्मार्टफोन में इंस्टॉल किए गए एप्स, वेब लिंक और QR कोड को स्कैन करके संभावित खतरों की पहचान करता है। यह मैलवेयर, स्पाइवेयर, रैनसमवेयर और फिशिंग प्रयासों जैसे जोखिमों को पहचानने में मदद करता है और उपयोगकर्ताओं को समय रहते चेतावनी देता है।</p><p>आज के समय में स्मार्टफोन का उपयोग बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और दैनिक संचार के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। ऐसे में मोबाइल डिवाइस साइबर अपराधियों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल सुरक्षा समाधान और रियल-टाइम थ्रेट मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म डिजिटल सुरक्षा रणनीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।</p><p>साइबर सुरक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे डिजिटल इकोसिस्टम का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे AI आधारित साइबर सुरक्षा तकनीकों की मांग भी बढ़ेगी। रियल-टाइम डेटा विश्लेषण, व्यवहार आधारित खतरा पहचान और क्लाउड-आधारित सुरक्षा सेवाएं भविष्य में संगठनों को उभरते साइबर खतरों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।</p><p>डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में, ऐसे SaaS आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म संगठनों और उपयोगकर्ताओं दोनों को अपने डिजिटल वातावरण को सुरक्षित बनाए रखने में सहायता कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
<link>https://www.indiaspendhindi.com/education/indian-cybersecurity-company-tracex-labs-ai-saas-security-platform-981807</link>
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<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
<dc:creator><![CDATA[Biswajeet Kumar]]></dc:creator>
<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 13:18:31 GMT</pubDate>
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