‘एक असफल जैव शौचालय मॉडल के साथ रेलवे बढ़ रहा है आगे ‘

  24 वर्षों से, भारतीय रेलवे ने हर दिन ट्रैक पर ट्रेनों से निकलने वाली 3980 टन ( 497 ट्रक लोड -8 टन प्रति ट्रक पर) मलमूत्र के लिए समाधान खोजने की कोशिश में है। नवीनतम योजना ट्रेन शौचालय सीटों के नीचे रहने वाला ‘जैव डाइजेस्टर्स’ है,  जहां कंपोस्ट चैंबर में बैक्टीरिया का संग्रह किया … Continued

भारतीय रेल को 42 करोड़ रुपए में 3,350 ट्रक गोबर खरीदने की क्यों है जरूरत ?

  भारतीय रेलवे को वर्ष 2018 में खराब ‘जैव शौचालय’ ( गिरावट को सक्रिय करने के लिए बैक्टीरिया जोड़ने ) को “रीचार्ज” करने के लिए 42 करोड़ रुपए में गोबर के 3,350 ट्रक लोड खरीदने की जरूरत है। 44.8 फीसदी गाड़ियों में  ‘जैव शौचालय’ लगाया गया है और संसद के लिए राष्ट्रीय लेखा परीक्षक द्वारा … Continued

भारतीय रेलगाड़ियों में नए शौचालय सेप्टिक टैंक से बेहतर नहीं : आईआईटी अध्ययन

  पिछले चार वर्षों से 2017 तक, भारतीय रेलगाड़ियों में मानव मल के निपटान के लिए बैक्टीरिया के उपयोग के साथ एक नए प्रकार के शौचालय का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे लगाने में 1,305 करोड़ रुपए की लागत आई है, लेकिन यह शौचालय एक सेप्टिक टैंक से बेहतर नहीं है, जैसा कि मद्रास … Continued