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विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, कार्बन डाइऑक्साइड के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्सर्जक भारत है और दुनिया के 15 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में से 13 इसी देश से हैं, जिन्हें पीएम 2.5 के स्केल पर मापा गया है। इन शहरों में प्रदूषण जलवायु को प्रभावित कर रहा है, बारिश में गिरावट, बढ़ती गर्मी और गंगा के मैदानी इलाकों (जो 60 करोड़ लोगों का घर है) में अनिश्चित मानसून में इस जलवायु परिवर्तन को साफ-साफ महसूस किया जा सकता है। भारत के जलवायु-परिवर्तन वाले हॉटस्पॉट पर प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से यह रिपोर्ट हमारी श्रृंखला का पांचवा आलेख है, जहां हवा की गुणवत्ता दुनिया में सबसे बद्तर है।

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