Latest Stories

नए कोल प्लांट्स के लिए नाइट्रस ऑक्साइड नियमों में छूट चाहती है देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कम्पनी नेशनल थर....

क्यों नहीं थम पा रहे हैं बिहार से बच्चों की तस्करी के मामले

पटना/गया (बिहार): बिहार के गया ज़िले के फतेहपुर ब्लॉक के बा....

तकनीकि ख़ामियां, वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना की सबसे बड़ी रुकावट

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की वन नेशन-वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी....

महिला समूहों की भागीदारी सुधार रही है ओडिशा की सेहत

कोरापुट और अंगुल, ओडिशाः ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से 500 ....

कितने सफ़ल हैं दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के पंचशील विहार इलाक़े में रहने ....

Donate to IndiaSpend

इंडियास्पेंड की पुरस्कृत-खोजी पत्रकारिता का समर्थन करें।

इंडियास्पेंड को आपकी ओर से दिए गए अनुदान से आपको टैक्स में राहत तो होगी ही, आपके योगदान से हमें, और देश भर के अन्य प्रकाशनों में मदद मिलेगी। हम उन महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स को प्रकाशित करेंगे , जो आमतौर पर सामने नहीं आती हैं – ये वे रिपोर्ट्स हैं, जिनसे फर्क पड़ता है!

अनुदान
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, कार्बन डाइऑक्साइड के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा उत्सर्जक भारत है और दुनिया के 15 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में से 13 इसी देश से हैं, जिन्हें पीएम 2.5 के स्केल पर मापा गया है। इन शहरों में प्रदूषण जलवायु को प्रभावित कर रहा है, बारिश में गिरावट, बढ़ती गर्मी और गंगा के मैदानी इलाकों (जो 60 करोड़ लोगों का घर है) में अनिश्चित मानसून में इस जलवायु परिवर्तन को साफ-साफ महसूस किया जा सकता है। भारत के जलवायु-परिवर्तन वाले हॉटस्पॉट पर प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से यह रिपोर्ट हमारी श्रृंखला का पांचवा आलेख है, जहां हवा की गुणवत्ता दुनिया में सबसे बद्तर है।

टॉप सेक्शन

इंडियास्पेंड-साक्षात्कार

“दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का मतलब टिकट रहित यात्रा नहीं !”

सेहत

कोटा में नवजात शिशुओं की मौत: मेडिकल सुविधाओं की बदहाली का नतीजा

कृषि

शासन

शिक्षा

अर्थव्यवस्था व नीति

वीडियो

दावे और उनकी हक़ीक़त: 2019 के पांच दावों की पड़ताल

कैसा रहा देश का क्लाइमेट 2019 में: क्लाइमेट राउंडअप 2019