अपने जनसांख्यिकी अवसर को खो रहा है पश्चिम बंगाल

( लगभग 15,000 लोग, जिनमें ज्यादातर ग्रामीण जिलों के प्रवासी हैं, कोलकाता उपनगरीय ट्रेन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर इक्ट्ठा हैं। एक उदास सी अर्थव्यवस्था में ये किसी भी तरह के काम पाने के लिए बेताब हैं। इनमें ज्यादातर अकुशल और अर्ध-कुशल दिहाड़ी मजदूर हैं, जिनके लिए अब काम खोजना बहुत कठिन हो रहा … Continued