खरमोर पक्षी के अगले 20 सालों में विलुप्त होने की आशंका है, ऐसे में इसके लिए बने संरक्षित क्षेत्रों में औद्योगीकरण का बढ़ना इसके अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा है।