कोविड-19 महामारी ने दिल्ली जैसे महानगरों में जीवनयापन करने वाली महिलाओं को खासा नुकसान पहुंचाया। एक तरफ जहां संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाली महिलाओं को वेतन कटौती और छटनी के रूप में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, वहीं असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं का रोज़गार छिन गया जिससे भोजन और बच्चों की शिक्षा जैसी मूलभूत ज़रूरतों की पूर्ति पर भी ग्रहण लग गया।