देश की 43% आबादी ज़मीन के नीचे का पानी पीने के लिए मजबूर

नई दिल्ली: देश की 43% आबादी पीने के पानी के लिए ग्राउंडवाटर यानी ज़मीन के नीचे के पानी पर निर्भर है। यह पानी बोरवेल, ट्यूबवेल, कुओं और हैंडपंप के ज़रिये निकाला जाता है। सिर्फ़ गांवों में ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम आबादी के शहरों में इस पानी का इस्तेमाल आम बात है। पाइपलाइन के ज़रिये सभी घरों तक पानी की सप्लाई ना होने की वजह से देश की लगभग आधी आबादी इस पानी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर है। क्या आप जानते हैं कि यह पानी दूषित है? इस पानी को पीने से कौन-कौन सी बीमारियां आपके शरीर में घर कर सकती हैं, देखिए इस रिपोर्ट में।

नई दिल्ली: देश की 43% आबादी पीने के पानी के लिए ग्राउंडवाटर यानी ज़मीन के नीचे के पानी पर निर्भर है। यह पानी बोरवेल, ट्यूबवेल, कुओं और हैंडपंप के ज़रिये निकाला जाता है। सिर्फ़ गांवों में ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम आबादी के शहरों में इस पानी का इस्तेमाल आम बात है। पाइपलाइन के ज़रिये सभी घरों तक पानी की सप्लाई ना होने की वजह से देश की लगभग आधी आबादी इस पानी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर है। क्या आप जानते हैं कि यह पानी दूषित है? इस पानी को पीने से कौन-कौन सी बीमारियां आपके शरीर में घर कर सकती हैं, देखिए इस रिपोर्ट में।