भारत के ज़िला अदालतों का संकट

  वर्तमान में, भारत के ज़िला अदालतों में 20 मिलियन (2 करोड़) से अधिक मामलें लंबित हैं; दो तिहाई आपराधिक मामले हैं और 10 में एक मामले पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं। यह डाटा, राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड (एनजेडीजी1) के आंकड़ों पर किए गए हमारे विश्लेषण में सामने आए हैं। अन्य … Continued

ग्रामीण भारत में बढ़ता निरक्षरता दर

  सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना ( एस.ई.सी.सी )द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के ग्रामीण इलाकों की 86 मिलियन से भी अधिक जनता निरक्षर है।   साल 2011 में एस.ई.सी.सी ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 315.7 मिलियन लोगों को निरक्षर पाया है। यह आकंड़े … Continued

बंदरगाहों की स्थिति बदतर – सागरमाला परियोजना काफी नहीं

  भारत में एक ओर जहां सड़क और रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरे ज़ोर-शोर से चल रहा है वहीं बंदरगाहो के विकास एवं अंतर्देशीय जलमार्ग को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से कोशिश जारी है। बंदरगाहों के बुनियादी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए ( 15.6बिलियन डॉलर … Continued

भारत में बढ़ती नशे की लत – तीन सालों में 455% बढ़ी

  भारत में नशीली दवाओं और अपराध का जोर बढ़ता जा रहा है। सरकार की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार बीते तीन सालों ( 2011-13) में भारत में नशीली दवाओं के कारोबार में पांच गुना ( 455 फीसदी ) वृद्धि दर्ज की गई है।   इन तीन सालो में भारत में105,173 टन अवैध दवाएं जब्त … Continued

मोदी का पहला साल- कितना अलग मनमोहन से

भूतपूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (बाएँ), प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ(दायें) तत्कालीन मुख्य मंत्री गुजरात अहमदाबाद में 29 अक्टूबर 2013 को एक म्यूज़ियम के उद्घाटन के अवसर पर |   मोदी सरकार का एक साल पूरा होने जा रहा है। ऐसे में यूपीए सरकार और एनडीए सरकार के बीच तुलना होना लाज़मी है। एक नज़र … Continued