विशेषज्ञों का मानना है कि हो सकता है सारे शरणार्थी शब्दों में ये न बता पाए कि उनके साथ क्या गुजरी है। उन्हें अपने ठीक होने और मानसिक स्वास्थ्य व मनोवैज्ञानिक सामाजिक मदद तक पहुंच बनाने के लिए मेजबान समुदाय के समर्थन, सेवाओं और नेटवर्क की जरूरत है।