नौकरियां, जाति, खेत आत्महत्या, अपराध, पोषण आदि पर सरकार ने क्यों रोका है डेटा

  मुंबई: आमतौर पर समय-समय पर अपडेट की जाने वाली सरकारी रिपोर्टों और आंकड़ों की एक श्रृंखला को वर्षों से सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसमें अपराध, रोजगार, किसान आत्महत्या, जाति और कृषि मजदूरी पर डेटा शामिल हैं। यह जानकारी इंडियास्पेंड के शोध में सामने आई है।   2017-18 के लिए वार्षिक रोजगार सर्वेक्षण की … Continued

आखिर क्यों भारतीय श्रमशक्ति में शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं की संख्या तेजी से हो रही है कम?

  मुंबई: शहरी श्रमशक्ति में महिलाओं की मौजूदगी के मुकाबले ग्रामीण श्रमशक्ति में महिलाओं की संख्या तेजी से गिर रही है। यह जानकारी सरकारी आंकड़ों पर इंडियास्पेंड द्वारा किए गए विश्लेषण में सामने आई है।   1990 के दशक की शुरुआत से निरंतर उच्च आर्थिक विकास ने भारत की महिलाओं के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य … Continued

राजस्थान के विकास के साथ सामाजिक प्रगति नहीं

  मुंबई: भारत के सातवें सबसे अधिक आबादी वाले राज्य राजस्थान में 7 फीसदी का विकास दर है, जो  राष्ट्रीय औसत से ज्यादा जरूर है, लेकिन यह राज्य पर्याप्त रोजगार बनाने, महिलाओं की साक्षरता में सुधार करने या उच्च मातृ और शिशु मृत्यु दर से लड़ने के लिए इस विकास का उपयोग करने में सफल … Continued

छोटे व साक्षर राज्य केंद्र से प्राप्त शिक्षा राशि का करते हैं बेहतर उपयोग

  मुंबई: देश के छोटे और अधिक साक्षर राज्य शिक्षा के लिए दिल्ली से भेजी दी राशि को स्कूलों को वितरित करने में तत्परता दिखाते हैं। उनके द्वारा इस राशि को दूसरे काम में लगाने या गलत इस्तेमाल करने की आशंका भी बड़े राज्यों की तुलना में कम है । ये राज्य केंद्रीय शिक्षा वित्त … Continued

10 में से 7 भारतीय किशोर लड़कियां होना चाहती हैं ग्रैजुएट

  मुंबई: 10 किशोर भारतीय लड़कियों में से सात स्नातक यानी ग्रैजुएशन स्तर की पढ़ाई पूरी करना चाहती हैं। चार में से तीन के पास खास करियर योजना है।  लगभग चार में से तीन 21 साल की उम्र से पहले शादी नहीं करना चाहती हैं। यह ‘नन्ही कली’ द्वारा हाल ही में आयोजित अध्ययन के … Continued

भारत में रिकॉर्ड एफडीआई, फिर भी विनिर्माण को बढ़ावा नहीं

  मुंबई: एक अध्ययन के अनुसार, नीतिगत बदलावों के बावजूद,  वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और इससे पहेल कांग्रेस द्वारा संचालित शासन के दौरान, भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के “व्यापक चरित्र में कोई ठोस परिवर्तन नहीं हुआ है।”   यह अध्ययन नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर स्टडीज इन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (आईएसआईडी) द्वारा … Continued

स्वास्थ्य फंड खर्च नहीं और देश भर में 24 से 38 फीसदी तक मेडिकल स्टाफ की कमी

  मुंबई: भारत के 28 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 फीसदी से 38 फीसदी चिकित्सा कर्मियों की कमी है। यह जानकारी भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा नवीनतम लेखापरीक्षा में सामने आई है।   राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कैग के … Continued

स्वास्थ्य संकट जारी, फिर भी एनएचएम फंड नहीं हो रहे खर्च?

  मुंबई: भारत में स्वास्थ्य संकट के बढ़ने के बावजूद, पिछले पांच वर्षों से 2016 तक, राज्यों द्वारा अव्ययित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) फंड में 29 फीसदी की वृद्धि हुई है, जैसा कि सरकार के लेखा परीक्षक द्वारा हालिया लेखापरीक्षा में बताया गया है।  भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा लेखापरीक्षा में इन … Continued